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    स्वामीनाथन रिपोर्ट और किसान आंदोलन पर एक नज़र

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    आयूषी, नई दिल्ली

    किसान संघ ने स्वामीनाथन समिति की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की है। AMAN GARG स्वामीनाथन समिति के प्रस्तावों और किसानों के कृषि बिलों के प्रावधानों के बारे में किसानों द्वारा की गई चिंताओं की जाँच करता है।

    जानिए स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार क्या क्या प्रस्ताव रखे गए थे !

    अब हाल ही में सूत्रों से यह पता चला है कि किसान संघ ने दो मांगे रखी हैं, पहली मांग इन तीनो बिलों को वापिस लेने की और दूसरी 2004 में स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट और उससे जुड़े प्रस्तावों को लागू करने की. आपको बता दें कि एम एस स्वामीनाथन कमीशन जो कि 2004 को गठित हुआ था. जिसकी अध्यक्षता एम एस स्वामीनाथन जी ने की थी. इस समिति ने पांच रिपोर्ट जारी की, जिनमें किसानों के हित में अधिकारों को मिलने की मांग की थी.

    जैसे कि किसानों के संकट को कम करने और एक स्थायी और लाभदायक कृषि प्रणाली के लिए एक ढांचा प्रदान किया। पांचवी और आखिरी रिपॉर्ट में भूमि सुधार, सिंचाई सुधार, उत्पादन में वृद्धि, खाद्य सुरक्षा, ऋण और बीमा सुविधाओं और किसानों की आत्महत्याओं को रोकने सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई और जो कि लगभग 300 पृष्ठों में बांटा गया है।

    क्या है ये वन नेशन वन मार्केट पॉलिसी

    अब रिपोर्ट आई है कि स्वामीनाथन कमीशन द्वारा एक प्रस्ताव रखा गया है. किसान बिल एक्ट को देखते हुए की वो चाहते है कि ” एक भारत एक मार्किट ” पालिसी का निर्माण हो। “स्थानीय उत्पादन के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के विकास, और एक एकल भारतीय बाजार की ओर बढ़ने के लिए” प्रतिज्ञा करती है। आपको बता दे कि किसान आंदोलन को इक्कीस दिन होने को आ रहे है। जहाँ भारी तादाद में किसान और उनके परिवार दिल्ली बॉर्डर में अपना आंदोलन जारी रखा है।

    ऐसे में देश को नुकसान भी हो रहा है, जिसमें आधे ट्रांसपोर्टेशन को प्रोडक्ट डेलिवरी में तकलीफों का सामना करना पड़ रहा, या ये कहे कि अर्थव्यवस्था में भी गिरावट आ रही है।

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