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    जानिए कब और कैसे चुना गया देश का राष्ट्रगान

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    खुशी बाली, नई दिल्ली

    इतना तो हम सभी जानते हैं कि हर चीज के पीछे कोई ना कोई कहानी तो जरूर होती है। कुछ कहानियां ऐसी होती है जिसके बारे में हर किसी को ज्ञात नहीं होता। हम सब यह तो जानते हैं कि हमारे देश के पहले राष्ट्रपति तथा हमारे राष्ट्रगान कौन सा है। परंतु क्या हमें यह पता है कि इन सब का चुनाव कैसे किया गया? नहीं ना? तो आइए आज जानते हैं कि भारत के पहले राष्ट्रपति और राष्ट्रगान कब और कैसे किया गया।

    देश के पहले राष्ट्रपति का चुनाव

    3 दिसंबर, 1884 को जन्मे राजेंद्र प्रसाद भारत के पहले राष्ट्रपति थे। वह एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता, वकील तथा विद्वान व्यकित थे।स्वतंत्रता के ढाई साल बाद, 26 जनवरी 1950 को, स्वतंत्र भारत के संविधान की पुष्टि की गई। इससे ठीक दो दिन पहले, यानी 24 जनवरी, 1950 को प्रसाद को देश का पहला राष्ट्रपति चुना गया था। प्रसाद एक ऐसे राष्ट्रपति हैं जिन्हें 2 बार भारत के राष्ट्रपति बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनको सर्वसम्मति से भारत गणराज्य का अनंतिम अध्यक्ष चुना गया था।

    देश के राष्ट्रगान को अपनाया गया

    जन गण मन, भारत का राष्ट्रगान मूल रूप से रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में भारो भाग्यो बिधाता के रूप में बनाई गई थी। भागो भाग्यो बिधाता गीत का पहला छंद भारत के संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था। इसके बाद इसके हिंदी संस्करण को अपनाया तथा आधिकारिक तौर पर इसे, राष्ट्रीय गान के रूप में घोषित किया गया।

    भारत का राष्ट्रगान आधिकारिक तौर पर 52 सेकंड तक रहता है। आपको बता दें कि कानून का कोई प्रावधान नहीं है जो किसी को भी राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर करता हो। यदि कोई व्यक्ति केवल सम्मानजनक मौन में खड़े होने का विकल्प चुनता है तो वह भी सही है। इसे राष्ट्र के प्रति अपमानजनक या गान के लिए अपमानजनक नहीं माना जाता।
    यह कुछ बातें थीं जो हर किसी को नहीं पता होंगी परंतु पता होनी चाहिए।

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