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    उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से चमोली में मची भारी तबाही

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    आशिषा सिंह राजपूत, नई दिल्ली

    प्राकृतिक आपदा का भयानक मंजर एक बार फिर उत्तराखंड में भारी तबाही मचा रहा है। उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदा देवी नेशनल पार्क के समीप एक ग्लेशियर फटने से ‘अलकनंदा’ तथा ‘धौलीगंगा’ नदियों में भयंकर जल सैलाब उठा है। बाढ़ का विकराल रूप देख लोगों में दहशत पैदा हो गई है। वहीं प्रशासन द्वारा गढ़वाल क्षेत्र सहित कीर्ति नगर, देवप्रयाग, मुनि की रेती इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जबकि इस तबाही में अभी तक करीब 150 लोग लापता हो चुके हैं। और 10 शव बरामद हुए हैं।

    टनल में फंसे हैं लोग

    चमोली में आई प्राकृतिक आपदा से त्राहि-त्राहि मची हुई है। पानी का उफान कुछ इस तरह बरपा है। जिससे जान-माल को क्षति पहुंची है। ऐसे में एक और दुखद बात आइटीबीपी के डीजी द्वारा बताई गई है कि प्रोजेक्ट टनल में करीब 15-20 लोग फंसे हो सकते हैं। इस प्रोजेक्ट पर करीब 120 लोग काम कर रहे थे। ग्लेशियर फटने से पानी के इस सैलाब को रोकना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं पानी का बहाव इतना उग्र होता जा रहा है, कि लोग बुरी तरह से दहशत में है।

    जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

    ग्लेशियर फटने के बाद से ही शासन-प्रशासन सख्ते में है। और पूरी कोशिश कर रहा है पानी के इस भीषण तूफान को जल्द से जल्द रोका जाए। लेकिन अभी तक जो इस आपदा से क्षति हुई है। और टनल में जो लोग फंसे हुए हैं। उन्हें बचाने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। आईटीबीपी के जवान टनल में फंसे लोगों को बचाने में लगे हुए हैं। और इसी कोशिश में एक शख्स को सकुशल रेस्क्यू भी कर लिया गया है। वहीं इस पूरे मामले पर
    केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि “ग्लेशियर टूटने के कारण ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हुआ है जिससे नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है।”

    एनडीआरएफ की 4 टीम भी हुई रवाना

    भयंकर आपदा को देखते हुए गृह मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा बताया गया है कि एनडीआरएफ की 4 टीम जिसमें करीब 200 कर्मी हैं। वह भी उत्तराखंड में आई त्रासदी को देखते हुए लोगों को रेस्क्यू करने के लिए हवाई मार्ग से देहरादून भेजी जा रही है। एनडीआरएफ की टीम आइटीबीपी टनल और एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) के कर्मियो को वहां से सकुशल बाहर निकालने के लिए भेजा गया है।

    शासन-प्रशासन है अलर्ट

    उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से जो तबाही मची है उस पर शासन प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट हो गया है। और पल-पल का जायजा ले रहा है। अधिकारियों द्वारा बताया गया है कि प्रशासन की राहत टीम और बचाव कार्यों पर निगरानी रखने के लिए प्रशासन पूर्ण रूप से चौकन्ना है। वहीं हर नुकसान का समय-समय पर जायजा लिया जा रहा है। बाढ़ के बढ़ते रुको देखते हुए समय से पहले जगह-जगह पर अलर्ट भी जारी किया जा रहा है। वहीं शासन-प्रशासन द्वारा यथासंभव कई जगह खाली भी करवाई जा रही हैं।

    नरेंद्र मोदी ने दिया सहायता का आश्वासन

    उत्तराखंड में आई आपदा को देखते हुए नरेंद्र मोदी पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि ‘ उत्तराखंड में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा हूं। भारत उत्तराखंड के साथ खड़ा है, और देश सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहा है। से संबंधित जानकारियां लगातार ले रहा हूं।’

    उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी

    उत्तराखंड में आए जल सैलाब को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिसमें गंगा किनारे वाले जिलों और क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा अलर्ट किया गया है। जिसमें यूपी के बिजनौर, कन्नौज फतेहगढ़, गढ़मुक्तेश्वर गाजीपुर कानपुर मिर्जापुर प्रयागराज और वाराणसी शामिल है।

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