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    धर्म परिवर्तन: पाकिस्तान में हर साल 1000 लड़कियां होती हैं शिकार

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    आशिषा सिंह राजपूत, नई दिल्ली

    यह बात किसी से छुपी नहीं है कि पाकिस्तान में हिंदुओं का क्या हश्र होता है। उन्हें 2 गज जमीन और सिर छुपाने के लिए छत भी बड़ी मुश्किल से मयस्सर होती है। इसी में हिंदू घरों की लड़कियां धर्म परिवर्तन का शिकार होती हैं। ऐसा करके पाकिस्तान खुद को इस्लामिक राष्ट्र के रूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करना चाहता है। पाकिस्तान में हिदू अल्पसंख्यक ही नहीं, बौद्ध, सिख, जैन, ईसाई और पारसी भी आए दिन धर्म परिवर्तन का शिकार होते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रत्येक वर्ष पाकिस्तान में 1000 से अधिक हिंदू अल्पसंख्यक लड़कियां का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है।

    14 साल की नेहा का जबरन किया गया धर्म परिवर्तन

    एक मासूम 14 साल की बच्ची नेहा जिसे भजन गाकर सुख मिलता था। जिसने अभी जिंदगी का पहला पड़ाव पूर्ण रूप से पार भी नहीं किया था। उसका धर्म परिवर्तन करा कर जबरन उससे काफी बड़ी उम्र 45 साल के आदमी से उसकी शादी करा दी गई। फिलहाल नाबालिक लड़की का बलात्कार कर उसके पति के जेल जाने के बाद सुरक्षाकर्मियों द्वारा उसके भाई के पास से पिस्तौल भी बरामद की गई है। शारीरिक और मानसिक खौफ के डर से नेहा छिपकर जी रही है। अपनी दर्द भरी आपबीती सुनाते वक्त नेहा की आंखों में खौफ की जद में मरे हुए सपने और आवाज में शोषण की कंपकंपाहट साफ देखी जा सकती थी।

    धर्म परिवर्तन पाकिस्तान की बन गया है आदत

    नेहा जैसी हजारों लड़कियां हर साल ना सिर्फ अपने सपनों को मार कर बल्कि अपने अस्तित्व को भी मिटा कर इस्लाम कबूल करती हैं। हर साल उन लड़कियों से जबरन इस्लाम कबूल कराया जाता है जो शादी के लिए अपनी असहमति प्रकट करती हैं साथ ही साथ इंसानियत को रोंदते हुए व अधर्म करते हुए पाकिस्तान नाबालिक लड़कियों से भी जबरन धर्म परिवर्तन कराता है। हाल फिलहाल कोरोना महामारी में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान यह धर्म और तेजी से किया गया। बता दें कि लॉकडाउन की वजह से स्कूल बंद रहे जिससे लड़कियां स्कूलों की बजाए अपने घरों और मोहल्लों में नजर आयी। लेकिन इन लड़कियों की यह स्वतंत्रता उनके लिए अभिशाप साबित हुई। महामारी में कर्ज में डूबे उनके परिवार को दबाते हुए लड़कियों को धर्म परिवर्तन कराने की तस्करी खूब तेजी से हुई।

    पाकिस्तानी सरकार करती है इनकार

    पाकिस्तानी सरकार के नाक के नीचे अल्पसंख्यक हिंदू, ईसाई और सिख समुदाय की लड़कियों का धर्म परिवर्तन धड़ल्ले से होता है लेकिन फिर भी पाकिस्तानी सरकार इस बात से साफ इंकार करती है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने पाकिस्तान को धार्मिक आजादी के उल्लंघन के लिए “खासतौर से चिंता में डालने वाला देश” घोषित किया है। लेकिन पाकिस्तान साफ-साफ इस बात को नकारते हुए अपनी दलीलें देता रहता है। लेकिन सच तो यह है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू ईसाई और सिख समुदाय की लड़कियों के साथ जबरन शादी और बलात्कार किए जाते हैं।

    क्या है धर्मांतरण की वजह?

    शादी के काबिल हुए पुरुष शादी के लिए जब लड़कियां खोजते हैं। तो आमतौर पर लड़कियों को उनके रिश्तेदार व दोस्त अगवा कर लेते हैं। कई बार तो ताकतवर जमींदार अपने बकाया कर्जे के लिए भी लड़कियों को उठवा लेते हैं। सर्वप्रथम उनका धर्म परिवर्तन कराकर उनसे जबरन इस्लाम कबूल करवाया जाता है फिर उनसे शादी की जाती है।
    धर्मांतरण किए जाने वाली ज्यादातर लड़कियां दक्षिणी सिंध प्रांत के गरीब हिंदू समुदाय की होती हैं। शादी करने वाले पुरुषों में ज्यादातर व पुरुष शामिल होते हैं जो पहले से शादीशुदा है या लड़कियों से काफी उम्र दराज है। हैरत की बात यह होती है कि यह सब देख कर भी पुलिस और प्रशासन खामोश रहता है।

    जबरन धर्मांतरणों की अकसर अनदेखी की जाती है क्योंकि इसमें शामिल मौलवियों से लेकर मजिस्ट्रेट और भ्रष्ट पुलिस वालों की कमाई होती है। पाकिस्तान में यह सब करने का लक्ष्य इस्लाम में नए लोगों को शामिल करने की बजाय कुंवारी लड़कियां हासिल करना है। जिससे कि उनकी आने वाली नस्लें भी मुस्लिम हो। पाकिस्तान की 22 करोड़ आबादी में अल्पसंख्यकों की तादाद महज 3.6 फीसदी है। वही एक बड़ी वजह नाबालिक लड़कियों को अगवा कर व उनसे जबरन शादी कर उनका यौन शोषण करना बुड्ढों की हवस में शामिल है।

    1 COMMENT

    1. Ri8..they think this is real problem in their country that was saving religion & increasing population 😂bt don’t think about their economic condition, illiteracy rate, that’s y they are in top rank from the bottom.Well said by U ashisha ❤️Proud for U

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