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    आखिर क्यों BCCI को हो सकता है 906 करोड़ का भारी नुकसान

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    आशिषा सिंह राजपूत, नई दिल्ली

    ICC T20 वर्ल्ड कप 2021 का इस वर्ष आयोजन भारत में होगा। लेकिन यदि भारत को इस टूर्नामेंट के आयोजन की बीसीसीआई (BCCI) को मेजबानी करनी है। (BCCI) को 906 करोड़ रुपये का टैक्स देना पड़ सकता है। यदि सरकार कुछ रियायत करती है, तो भी भारतीय बोर्ड को कम से कम 227 करोड़ टैक्स देना ही होगा।

    टी-20 विश्व कप इस वर्ष भारत में

    भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह का यह बताए जाने के बाद कि बोर्ड इस साल भारत में आईसीसी टी20 विश्व कप की सुरक्षित एवं स्वस्थ मेजबानी के लिए प्रतिबद्ध है। बता दें कि कोरोना वायरस की महामारी की उथल-पुथल से आईसीसी टी20 विश्व कप इस वर्ष भारत में आयोजित होगा, जबकि इस साल टूर्नामेंट को आयोजित करने की जिम्मेदारी अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया की थी।

    महामारी के प्रभाव को देखते हुए इसे 2022 तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं भारत में इतनी बड़ी जिम्मेदारी आते ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने इस बात का आश्वासन दिया है कि ‘‘ हम क्रिकेट देखने के शानदार अनुभव प्रदान करने को लेकर दृढ़ संकल्प है। मैं आईसीसी और सदस्य बोर्डों को आश्वस्त करना चाहूंगा कि भारत अपने बेहतरीन आतिथ्य के लिए जाना जाता है। यहां पर आप घर जैसा महौल महसूस करेंगे।’ यह टी-20 विश्व कप के सातवां सत्र है। जो भारत में 5 साल बाद होने जा रहा है।

    बीसीसीआई की अभूतपूर्व समय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां

    जाहिर है अभूपूर्व समय पर भारत में टी-20 विश्व कप की मेजबानी के लिए बीसीसीआई को बहुत ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां का सामना करना पड़ेगा। जिसमें सर्वप्रथम बीसीसीआई को 906 करोड़ रुपये का टैक्स देना पड़ सकता है। विश्व कप इस वर्ष अक्टूबर-नवंबर में होना है। महज 10 महीने दूर इस टूर्नामेंट को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को बैकअप के तौर पर रखा है। बीसीसीआई पहले हो दो डेडलाइन- 31 दिसंबर 2019 और 31 दिसंबर 2020 मिस कर चुकी है। बीसीसीआई की आईसीसी द्वारा दी गई दो डेडलाइन मिस करने के बाद साफ तौर पर बीसीसीआई को दो विकल्प दिए हैं। जिनमें पहला -20 विश्व कप को यूएई में कराया जाए और दूसरा इस बात की गांरटी है कि अगर भारतीय बोर्ड टैक्स में छूट नहीं ले पाती है तो उसे टैक्स की जिम्मेदारी उठानी होगी जो कम से कम 226.58 करोड़ रुपये और ज्यादा से ज्यादा 906.33 करोड़ रुपये होगी।

    सवाल यह उठता है कि अगर सरकार पूरी टैक्स छूट नहीं देती है तो क्या बीसीसीआई के मेजबानी छोड़ देनी चाहिए? क्योंकि यदि भारतीय सरकार स्टार इंडिया को टैक्स में छूट नहीं देती है तो प्रसारणकर्ता आईसीसी को तय की गई पूरी कीमत नहीं देगी। अगर आईसीसी को स्टार से पूरी रकम नहीं मिलेगी तो वह सदस्य देशों को कम पैसे देगी।
    वहीं जब आईसीसी अपने सदस्य देश को टूर्नामेंट की मेजबानी सौंपती है तो दो पार्टियां- आईसीसी और टूर्नामेंट की मेजबानी करने वाला देश- एक कागज पर हस्ताक्षर करते हैं, जिसके अनुसार मेजबान देश को पूरी तरह से टैक्स में छूट लेनी पड़ती है। और आईसीसी कुछ रकम मेजबान देश को देती है।

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