राजस्थान मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ तेलंगाना सहित चार राज्यों में चुनाव है। चुनावों में नारों का अपना महत्व होता है।

नारे किसी पार्टी को चुनाव हरा सकते हैं, और नारे किस पार्टी को चुनाव जीता भी सकते हैं।
पिछले दिनों राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे बीडी कल्ला का बीकानेर से टिकट कट गया था।

उसके बाद उनके कार्यकर्ताओं ने रेल तक को रोककर पुरे बीकानेर शहर को जाम कर दिया था।

उसके बाद कांग्रेस आलाकमान हरकत में आया और बीडी कल्ला को टिकट दे दिया गया।
टिकट पाने से अतिउत्साही कल्ला ने अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार के दौरान “भारत माता जिंदाबाद” के नारे लगाऐ लेकिन नारों के बीच में कल्ला भारत माता के नारे रोककर सोनिया गांधी राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने को कहा”

और इसके बाद सुबे की राजनीति गरमा वही बीजेपी ने आरोप लगाया है,कि कांग्रेस के लिए देश से बड़ा गांधी परिवार हो गया है।

तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी के मंत्री रहे टोंक प्रत्याशी मंत्री यूनुस खान अपने जनसंपर्क के दौरान अपने समर्थकों के साथ भारत माता की नारे लगाते हुए नजर आए है।

सियासी जानकारों ने इसे बीडी कल्ला को भारत माता के नारे रुकवा कर सोनिया गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने के जबाब के तौर पर देखा है।
सियासी जानकारों कि मानें तो कल्ला का भारत माता के नारे रुकवा कर सोनिया गाँधी के नारे लगाना देशद्रोह कि क्षेणी में आता है।

गौरतलब है कि लगातार दों बार चुनाव हार चुके बीडी कल्ला कि इस नापाक हरकत का खामियाजा इस चुनाव में कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।

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