चुनाव हो और बदजुबानी ना हो ऐसा कैसे हो सकता है? जब चुनाव आते है तो नेता विकास के मुद्दे के बजाय जाति, धर्म,संप्रदाय और उल्टे-सीधे बयान और सवाल पूछ कर जनता को गुमराह कर वोट पाना चाहते है। और इसलिए नेता इन दिनों जमकर उल्टी-सीधी बयान बाजी कर रहे हैं।इसी कड़ी में कांग्रेस के नेता बीजेपी से खासा आगे नजर आ रहे है, और चुनाव में डूबती राजस्थान कांग्रेस की नाव में एक और छेद होता हुआ दिखाई दे रहा है।

जहाँ पिछले दिनों राजस्थान कांग्रेस के नेता बीडी कल्ला ने भारत माता का नारा रुकवा कर सोनिया गांधी जिंदाबाद का नारा लगवाया तो, वहीं सीपी जोशी ने हिंदू धर्म के नाम पर हिंदुओं को जातियों में बांटने वाला बयान दे दिया। और रही सही कसर बीकानेर से खाजूवाला में कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद राम मेघवाल भगवान श्री राम और कृष्ण के खिलाफ बदजुबानी कर अपमानित करने का काम किया है।

कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने प्रधानमंत्री मोदी को मदारी और उनके राज्यों मुख्यमंत्री को जमूरा तक कह चूकें है। तो वही सिने स्टार और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राजब्बर मोदी की माँ को पहले ही गाली दे चुके है।

और इसी कड़ी में अब एक नया नाम और आ गया है, कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे विलासराव मुतेमवार ने प्रधानमंत्री मोदी के पिता का नाम पूछा है और वो भी अपमानित करने वाली भाषा के लहजे में मंत्री ने सवाल में तंज कसते हुए कहा है की इस देश में कोई भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता का नाम नहीं जानता है।

सियासी जानकारों का मानना है, कि कांग्रेस का एक के बाद एक ऐसे छिछौरे बयान करना कांग्रेस को चुनाव में भारी पड़ सकता है।और विलासराव के बयान ने आग में घी का काम किया है।

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