क्या राजस्थान विधानसभा चुनाव के रास्ते कांग्रेस ने कुछ और तो नहीं सोचा है। लिहाजा राजस्थान के विधानसभा चुनाव में 7 दिसंबर को मतदान होना है, और 11 दिसंबर को नतीजे आऐगें। कांग्रेस के प्रदेश और राष्ट्रीय नेता लगातार कांग्रेस की जीत के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं, लेकिन पिछले दिनों जिस तरीके से ऑपिनियन पोल्स और सट्टा बाजार में कांग्रेस औधें मुँह गिरी हैं।

तो हारती कांग्रेस ने क्या अपना चुनावी प्लान बदल लिया है, अब कांग्रेस ने तय किया है, हार के बीच जितनी सीटें बटोर पाए ताकि उसके जरिए वह राज्यसभा में मजबूत होगी। और राज्यसभा के रास्ते वह नरेंद्र मोदी को राज्यसभा में घेरना चाहती है, क्योंकि देश में बहुत दिनों से सुर्खियों में रहे राम मंदिर ऐसा मसला जिसे कांग्रेस पिछले कई दशकों से अटकाती रही है।

तो वही कांग्रेस लगातार सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को राज्यसभा में अपने आप को मजबूत करने के लिए भेंज रही है। कांग्रेस महागठबंधन और इस तरीके के गेम प्लान के जरिए मोदी का रास्ता राज्यसभा में रोकना चाहती हैं। इसलिए कांग्रेस अपना पूरा फोकस राज्यसभा पर करके विधानसभा चुनाव लड़ रही है। वहीं सियासी जानकारों का कहना है, ओपिनियन पोल और राजनीतिक पंडितों की राय के बाद कांग्रेस की जीत नहीं पाएगी लेकिन वह चाहती है, कि कम से कम उसका वजूद रहे इसलिए मोदी को घेरने के लिए राज्यसभा में अपना बहुमत बढाने के लिए जद्दोजहद करती नजर आ रही है। खैर, यह तो आने वाला वक्त ही बताऐगा की राजस्थान के चुनाव के नतीजों का ऊँट किस करवट बैठेगा

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