धंधा ही चलाना है तो जलेबी बेचें प्राइवेट स्कूल: सिसोदिया

डेप्युटी सीएम और एजुकेशन मिनिस्टर मनीष सिसोदिया ने सरकारी जमीन पर बने प्राइवेट स्कूलों के रुख पर गहरी नाराजगी जताई है। एक के बाद एक ट्वीट कर सिसोदिया ने प्राइवेट स्कूलों को जलेबी बेचने की सलाह भी दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि सीट बेचने वाले प्राइवेट स्कूलों को मेरा सुझाव है कि अगर मुनाफे का धंधा ही चलाना है तो शिक्षा बेचने की जगह जलेबी बेच लें।

दरअसल दिल्ली सरकार ने सरकारी जमीन पर बने 298 स्कूलों के लिए नर्सरी ऐडमिशन की गाइडलाइंस जारी की थी और उन स्कूलों में मैनेजमेंट कोटे पर भी रोक लगा दी थी, लेकिन प्राइवेट स्कूलों की असोसिएशन ने सरकार के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की है।

सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि नर्सरी ऐडमिशन मामले में कुछ प्राइवेट स्कूल जैसे तर्क दे रहे हैं, उससे साफ है कि सरकार की गाइडलाइंस से सीट बेचने का इनका धंधा चौपट हो रहा है। सरकार ने जो गाइडलाइंस बनाई थी, उनसे स्कूलों की सीट बेचने की मंशा पूरी नहीं हो पा रही है।

डेप्युटी सीएम ने कहा कि कौन नहीं जानता है कि दिल्ली में सरकारी जमीन पर बने हुए बहुत से प्राइवेट स्कूल भी 10-15 लाख में नर्सरी सीट बेचते हैं। लेकिन सरकार ने तय किया है कि प्राइवेट स्कूलों को टीचिंग शॉप नहीं बनने दिया जाएगा।

सिसोदिया ने ट्वीट में कहा कि मैं इन टीचिंग शॉप्स के शिकार पैरंट्स के लिए लड़ रहा हूं। दिल्ली सरकार स्कूल में सीट बेचने के धंधे के खिलाफ है। सिसोदिया ने कहा कि नर्सरी ऐडमिशन के समय पैरंट्स स्कूलों की मनमानी को लेकर परेशान रहते हैं और सरकार ने जो गाइडलाइंस बनाई हैं, उनमें नेबरहुड क्राइटेरिया को फॉलो करने को कहा गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here