मंगोलपुरी में फंसे “आप” को अब जुगाड़ ही सहारा?

चुनावी डेस्क- जब कोई राजनीतिक दल अपने 5 साल के शासनकाल में धरातल पर ठीक से काम नहीं करता है. तब वह मुफ्त की योजनाओं की घोषणा करता है. जिसे हम आज की भाषा में जुगाड़ से काम चलाना कह सकते है.

यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। इस सीट पर आप ने पिछले दो बार से विधायक राखी बिडलान को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने भाजपा ने कर्म सिंह कर्मा और कांग्रेस ने राजेश लिलोठिया को उतारा है। इस विधानसभा सीट में रोहिणी के दो सेक्टर हैं और अधिकर ब्लॉक और कॉलोनियों हैं।

अगर आप मंगोलपुरी में आम आदमी पार्टी के विकास का डेमो देखने जाएंगे. तो आप हैरान रह जाएंगे पीने को साफ पानी तक नहीं है. गलियों में गंदगी अटी पड़ी है. गलियों के भीतर की सड़कें मलबे और गड्ढों से युक्त है. सिवरेज को तो पूछो ही मत बुरा हाल है. इस बार आम आदमी पार्टी केवल मुफ्त की घोषणाओं के सहारे फिर से सत्ता में वापसी का सपना देख रही है.

दिल्ली की सियासत को करीब से जानने वाले लोग कहते है. इस बार आम आदमी पार्टी के लिए राह आसान नहीं होगी. क्योंकि आम आदमी पार्टी का 5 साल का रिपोर्ट कार्ड बेहद खराब है. ऐसे में वापसी के आसार कम है. नतीजों का इंतजार सबको रहेगा.

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