चुनावी डेस्क- जब जब चुनाव आते है. तब तब नेता आपके घर, गली, नुक्कड़, चौराहे पर आते है. चुनाव जीतने के बाद नेता वातानुकूलित सरकारी आवासों में कैद हो जाते है. साडे 4 साल की चीर निद्रा के बाद फिर से वोट मांगने गली-गली घर-घर आते है.

आज हम बात कर रहे है. दिल्ली की मादीपुर विधानसभा सीट की कहने को तो दिल्ली का पूरा इलाका ही हाईप्रोफाइल है. लेकिन मादीपुर में केजरीवाल सरकार के टीवी विज्ञापनों में अखबारों के इश्तिहारो में दिखने वाला स्वर्ग नुमा विकास रत्ती भर भी धरातल पर नहीं दिखता है.

अगर आप मादीपुर में टॉर्च लेकर भी विकास देखने जाएंगे तो आपको दिखेगा कच्ची बस्तियों से निकलते वाला धूल का अंबार, बदबू और मक्खियों से अटे नाले, टूटे टूटे खुले ढक्कन अटके पड़े सीवरेज, गड्ढे और मलबे वाली थर्ड क्लास सड़कें.

नाम नहीं बताने की शर्त पर आम आदमी पार्टी के एक शीर्ष नेता ने बताया कि इस बार के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हालत बेहद पतली है. क्योंकि काठ की हांडी एक बार चढ़ती है. इसलिए फ्री और लोकलुभावन योजनाओं के दम पर वापसी के कयास लगा रहे है. लेकिन सत्ता में वापसी अब दूर की कौड़ी नजर आती है. दिल्ली की ज्यादातर सीटों पर भाजपा और आपके बीच सीधा मुकाबला है.

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