चुनावी डेस्क- एक मशहूर कहावत है. कि काठ की हांडी बार बार नहीं चढ़ती. दिल्ली के कोंडली की जनता ने आम आदमी पार्टी पर विश्वास करके 2015 में वोट दिया था. लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कितनी खामियां है.

लिहाजा विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ा मुद्दा अतिक्रमण का है। न्यू कोंडली में निगम की पार्किंग है. उसके बाद भी विधानसभा क्षेत्र की मुख्य मार्गों पर अवैध पार्किंग बनी हुई है। जो अपने आप में हैरान करने वाली बात है. मयूर विहार फेज तीन स्थित मुख्य अवैध रूप से वाहन खड़े रहते है. दिल्ली जैसे हाईप्रोफाइल इलाके में अवैध पार्किंग होना हास्यास्पद है. जिसके कारण अक्सर जाम की समस्या लगी रहती है। सड़क पर इस कदर वाहन खड़े रहते है कि अगर क्षेत्र में कहीं आग लगती है तो घटना स्थल पर दमकल गाड़ी समय तक नहीं पहुंच सकती है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन उसके बाद भी कोई अधिकारी समस्या के समाधान के लिए कोई कार्रवाई नहीं करते है।

वही कोंडली विधानसभा क्षेत्र में कूड़े की समस्या सबसे गंभीर है, मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे रहते है। कूड़े से उठने वाली बदबू से क्षेत्रवािसयों का जीना दूश्वार हो रखा है। कूड़े की बदबू के कारण इलाके में बीमारियां केे फैलने का खतरा लगा रहता है। जिससे हालात और बदतर हो जाते है। एक समस्या किसी एक वार्ड की नहीं है. यहां विधानसभा क्षेत्र के चारों वार्ड की मुख्य सड़कों पर कूड़े का अंबार लगा रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निगम के सफाई कर्मचारी सफाई करने को तैयार नहीं है, जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जाती है लेकिन शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।

साथ ही मयूर विहार फेज तीन स्थित केरला पब्लिक स्कूल से गाजीपुर मंडी की ओर जाने वाली दिल्ली विकास प्राधिकरण की सड़क करीब पांच साल से टूटी पड़ी है। यह अपने आप में केजरीवाल सरकार की बहुत बड़ी नाकामी दर्शाती है. सड़क पर मरम्मत कार्य न होने के कारण सड़क की स्थिति काफी खराब हो गई है। इस मार्ग से दो पहिये और बड़े वाहनों को निकलने में काफी मुश्किलें होती है। आवागमन के दौरान गाड़ी एक दम गड्ढ़े में धंस जाती है। जिससे तेज झटका सा महसूस होता है। साथ ही गाड़ी को भी नुकसान पहुंचता है। रात के समय सड़क पर टूटा हिस्सा दिखाई नहीं पड़ता है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

सूत्रों के हवाले से खबर हैं कि केजरीवाल कोंडली के स्थानीय आम आदमी पार्टी के विधायक की बात नहीं सुनते थे. इसके चलते में विकास नहीं करवा पाए. चुनाव से पहले उनका टिकट काटा गया. चेहरा बदलकर केजरीवाल पार पाना चाहते है. लेकिन इस बार कोंडली की जनता से बच पाना आसान नहीं होगा. क्योंकि पब्लिक सब जानती है.

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