चुनावी डेस्क- हिंदी फिल्मों की एक मशहूर टैगलाइन है। इश्क छुपाए नहीं छुपता ठीक इसी तरह राजनीति में किसी क्षणिक लाभ के लिए फेंका गया पैंतरा कभी आफत बनकर सच्चाई के तौर पर सामने आ ही जाता है।

केजरीवाल की फ्री वॉटर पॉलिसी में जहरीला,बदबूदार पानी, बस फ्री योजना में पुरानी बसों को बेचा, फ्री वाईफाई का सच पूरी दुनिया जानती, स्कूलों में वर्ल्ड क्लास रूम बनाने के नाम पर करोड़ों का घोटाला एक आरटीआई में सामने आया है।

गौरतलब है कि विकसित दिल्ली भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति साफ-सुथरी और कॉमन मैन की पॉलिटिक्स के नाम पर केजरीवाल दिल्ली के सत्ता में आए थे। लेकिन बीते 5 बरस में केजरीवाल गिरगिट की तरह रंग बदलते नजर आए है। सबसे पहले सरकारी गाड़ी बंगला नहीं लेने वाले केजरीवाल ने बाद में सब मांग लिया। अन्ना के आंदोलन से संघर्ष के साथी रहे। योगेंद्र यादव,प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास आशुतोष सब को बाहर का रास्ता दिखा दिया। पूर्व प्रधानमंत्री शास्त्री के पोत्र आदर्श शास्त्री ने केजरीवाल पर 10 से 20 करोड़ को लेकर टिकट बेचने के गंभीर आरोप लगाएं है। जो खुले तौर पर केजरीवाल को भ्रष्टाचारी साबित करते है।

सियासी जानकार कहते है कि पुरानी टीम के अभाव में, भ्रष्टाचार और आपसी कलह के बीच 5 साल में केजरीवाल सरकार की नाकामियां सुलतानपुर माजरा में आम आदमी पार्टी की जीत के गणित को बिगाड़ सकते है।

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