दिल्ली महिला आयोग में भ्रष्टाचार ? AAP नेता स्वाति मालीवाल को मिली जमानत

दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल को दिल्‍ली की तीस हजारी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दिल्‍ली महिला आयोग में कथित भ्रष्‍टाचार के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने स्‍वाति मालीवाल को जमानत दे दी है।

तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के बाद स्‍वाति मालीवाल ने ट्वीट किया और लिखा कि “सत्य परेशां हो सकता है पराजित नहीं। मैंने कोई गलत काम नहीं किया। मेरा काम मेरी पूजा है इबादत है। न्यायलय पे पूरा भरोसा है। सत्यमेव जयते।”

इससे पहले इस मामले की जांच रही दिल्‍ली की एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो यानी ACB ने उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। जिसके बाद अदालत ने स्‍वाति को समन जारी कर सोमवार को कोर्ट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया था।

दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल पर आरोप है कि उन्‍होंने इस पद पर रहते हुए DCW में नियुक्तियां में धांधली की। दिल्‍ली महिला आयोग में ज्‍यादातर नियुक्तियां तय नियम के मुताबिक नहीं हुईं। उन पर ये भी आरोप लगा था कि उन्‍होंने अपने करीबियों और आम आदमी पार्टी के लोगों को दिल्‍ली महिला आयोग में नौकरी दी। दिल्‍ली के उपराज्‍यपाल के आदेश के बाद इन सभी लोगों की तनख्वाह पर रोक लगा दी गई थी। लेकिन, बाद में मामला हाईकोर्ट चला गया था। दिल्‍ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी लोगों को पचास फीसदी तनख्‍वाह दी गई थी। सोमवार को भी इस केस में सुनवाई हुई। तीस हजारी कोर्ट ने स्‍वाति मालीवाल को इस मामले में बीस हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

अब इस केस की अगली सुनवाई छह अप्रैल को होगी। दरअसल, मालीवाल पर ये आरोप दिल्‍ली महिला आयोग की पूर्व अध्‍यक्ष और कांग्रेस नेता बरखा शुक्‍ला सिंह ने लगाए थे। उन्‍होंने इस मामले की शिकायत दिल्‍ली की एंटी करप्‍शन ब्‍यूरो में दर्ज कराई थी। जिसके बाद एसीबी ने मामले की जांच शुरु की। बरखा शुक्‍ला सिंह ने नियुक्ति में धांधली की शिकायत के साथ ही 85 लोगों के नाम की लिस्‍ट भी एसीबी को सौंपी थी। जिसमें उन्‍होंने दावा किया था कि इन लोगों को नौकरी तय नियमों की अनदेखी करते हुए दी गई। ये लोग जरुरी योग्‍यताएं भी पूरी नहीं करते थे फिर भी इन लोगों को दिल्‍ली महिला आयोग में नौकरी मिली। बरखा शुक्‍ला सिंह ने आरोप लगाया था कि इसमें आम आदमी पार्टी के कई लोगां को महत्‍वपूर्ण पद दिए गए।

इतना ही नहीं बरखा शुक्‍ला सिंह स्‍वाति मालीवाल को दिल्‍ली महिला आयोग का अध्‍यक्ष बनाए जाने पर भी सवाल खड़े कर चुकी हैं। उनका कहना था कि मालीवाल को सिर्फ ये पद इसलिए दिया गया क्‍योंकि वो दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की करीबी रिश्‍तेदार हैं। इस केस में एसीबी की टीम ने रक्षाबंधन वाले दिन दिल्‍ली महिला आयोग के दफ्तर में छापा भी मारा था। जिसके बाद DCW में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने एसीबी अफसरों के हाथ पर राखी भी बांधी थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हुआ था। उधर, स्‍वाति मालीवाल इन सारे मसले को शुरु से अपने खिलाफ एक साजिश ही करार देती रही हैं।

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