चुनावी डेस्क- दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में 12 सीटें आरक्षित है. इनमें से दिल्ली की बवाना विधानसभा सीट भी शामिल है. बवाना सीट पर आम आदमी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस तीनों अपना दमखम दिखा रही है.

लेकिन हर दिन बदलते समीकरणों के बीच आम आदमी पार्टी की वापसी के संकेत कम ही नजर आ रहे है. बवाना में स्थानीय विधायक आम आदमी पार्टी के रामचंद्र के खिलाफ काफी रोष था. विरोध के चलते आम आदमी पार्टी ने रामचंद्र का बवाना सीट से टिकट काट दिया और भगवान राम उपकार को मौका दिया है.

आम आदमी पार्टी से टिकट कटने से नाराज रामचंद्र लगातार आम आदमी पार्टी के खिलाफ खेमे बाजी कर रहे है. इस बात का सीधा सीधा नुकसान आम आदमी पार्टी के मौजूदा प्रत्याशी भगवान राम उपकार को उठाना पड़ रहा है. ऐसे में बवाना में आम आदमी पार्टी के वापसी की गुंजाइश कम रह गई है.

लिहाजा बीते 5 बरस में अरविंद केजरीवाल ने पार्टी की आपसी कलह और वन मैन आर्मी साबित करने के चक्कर में दिल्ली में कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाए है. यही वजह है कि उन्हें ज्यादातर विधायकों के टिकट काटने पड़े नए चेहरों को मौका देना पड़ा ताकि नए चेहरों के जरिए डूबती लुटिया को बचाया जा सके. लेकिन मौजूदा समीकरणों में ऐसे आसार कम नजर आते है.

बवाना विधानसभा क्षेत्र मैं आम आदमी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नजर नहीं आती है. ऐसे में बीजेपी की संभावनाएं ज्यादा नजर आती है. खैर सबका इंतजार 11 फरवरी के नतीजों पर रहेगा.

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